इस ऑडियोबुक के बारे में
चार युवा प्रेमी एथेंस की व्यवस्थित दुनिया छोड़कर ऐसे वन में पहुँचते हैं जहाँ परियों का हस्तक्षेप रिश्ते उलझाता है। पास ही शौकिया कलाकार नाटक का अभ्यास करते हैं। उनकी महत्वाकांक्षाएँ और गलतफहमियाँ उसी अपरिचित जगह में आती हैं। रात उन लोगों को जोड़ती है जो अपने अनुभवों की निकटता नहीं जानते।
विलियम शेक्सपियर प्रेम के भ्रम में परीशासक ओबेरॉन और टाइटेनिया का विवाद जोड़ते हैं। पक का हस्तक्षेप स्थिर लगाव हिला देता है। कलाकारों की गंभीर कोशिश दूसरा हास्य रचती है। इच्छा तथा कल्पना दृश्य का विश्वास बदलती रहती हैं।
नाटक प्रेम, अभिनय और जागते निर्णय तथा स्वप्न की अस्थिर सीमा देखता है। संसार समझने के अलग तरीकों की मुलाकातों से हास्य निकलता है। एक क्षण पूर्ण लगती भावना अगले में बदल क्यों जाती है, यह विचार का विषय बनता है। रंगमंच इसी परिवर्तनशीलता को दिखाई देने वाला रूप देता है।