इस ऑडियोबुक के बारे में
शेक्सपियर के सॉनेट सघन काव्यरूप में स्नेह, सौंदर्य और बीतते समय का दबाव देखते हैं। बोलती आवाज प्रशंसा, चिंता, इच्छा और निराशा के बीच जाती है। एक कविता में सुरक्षित दिखता संबंध दूसरी में समझना कठिन हो सकता है। भावनाओं का बदलाव इस क्रम का केंद्र बना रहता है।
कविताएँ बार बार पूछती हैं कि भाषा क्या बचा सकती है और क्या नियंत्रित नहीं कर सकती। प्रशंसा समय के विरुद्ध तर्क बनती है। ईर्ष्या तथा आत्मप्रश्न प्रेम की आदर्श छवियाँ जटिल करते हैं। सघन संरचना विचार के मोड़ और अंतिम पंक्ति को विशेष बल देती है।
संग्रह भावनात्मक अनिश्चितता की काव्यात्मक खोज है। हर आवाज को जीवनी की निश्चित पहचान में समेटना जरूरी नहीं। आशा, संदेह और बदलते अनुभवों से स्थायी अर्थ बनाने के अलग तरीकों के रूप में भी ये कविताएँ पढ़ी जा सकती हैं। अंतरंग कथन व्यापक अनुभव खोलता है।