इस ऑडियोबुक के बारे में
सिग्मंड फ़्रायड मानसिक जीवन पर अपने विचार अहम्, इदम् और पराहम् के संबंध से फिर देखते हैं। मनोविश्लेषण के उनके सिद्धांत में ये इच्छा, आत्मनियमन तथा नैतिक माँग के अलग पहलू बताते हैं। निबंध इस धारणा को जटिल करता है कि व्यक्ति हर विचार और कर्म के उद्देश्य जानता है।
फ़्रायड देखते हैं कि अहम् सहज इच्छाओं, आंतरिक निषेध और बाहरी संसार के दबावों में कैसे संतुलन बनाता है। पूरी तरह चेतन अहम् और बाहर के अचेतन क्षेत्र का सरल विभाजन भी चुनौती पाता है। अपराधबोध तथा तादात्म्य भीतर के संघर्ष समझने में महत्त्वपूर्ण हैं।
कृति फ़्रायड की सैद्धांतिक यात्रा के एक चरण का संक्षिप्त परिचय है। प्रतिरूप उनका ऐतिहासिक तर्क है, मन का स्थापित नक्शा या निदान की सलाह नहीं। चेतन इरादा व्यवहार की व्याख्या का एक भाग हो तो व्यक्तिगत कर्तृत्व का प्रश्न कैसे बदलता है, पाठक देख सकता है।