इस ऑडियोबुक के बारे में
टॉम सॉयर, हक फिन और जिम उड़ने वाले यान में परिचित परिवेश से बहुत दूर निकल जाते हैं। अनपेक्षित यात्रा अटलांटिक पार उत्तरी अफ्रीका ले जाती है। अपरिचित परिदृश्य प्रत्येक की जानकारी को चुनौती देता है। घर से दूरी संसार के बारे में उनके मतभेद उपयोगी और हास्यपूर्ण दोनों बनाती है।
मार्क ट्वेन हक से यात्रा कहलवाते हैं। व्यावहारिक निरीक्षण बार बार किताबों की जानकारी पर टॉम के आत्मविश्वास से मिलता है। जिम दूसरी दृष्टि जोड़ता है। साथियों की बातचीत असामान्य परिवहन जितनी महत्त्वपूर्ण है। निश्चित लगने वाला स्पष्टीकरण देखी चीजों के सामने नहीं टिकता।
कहानी कल्पित यात्रा से पूर्वाग्रह, दिखावा और सुनी जानकारी पर व्यंग्य करती है। मित्रता तथा तीनों के अंतर हास्य बनाते हैं। लोग परिचित मान्यताएँ लेकर जाएँ और अपनी समझ की सीमा स्वीकार न करना चाहें तो अपरिचित स्थान को कैसे जानेंगे, यह प्रश्न रोमांच में लगातार लौटता है।