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ऑडियोबुक · VoxAudio

येव्गेनी ओनेगिन

पुश्किन, अलेक्सांद्र
ऑडियो भाषा: हिन्दी 53 अध्याय
Евгений Онегин
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येव्गेनी ओनेगिन · पुश्किन, अलेक्सांद्र

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ऑडियोबुक की जानकारी

ऑडियो की भाषा
हिन्दी
अध्याय
53

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इस ऑडियोबुक के बारे में

सेंट पीटर्सबर्ग के उच्च समाज की चकाचौंध से ऊबकर येव्गेनी ओनेगिन गाँव में रहने लगता है। वहाँ उसकी मुलाक़ात उत्साही युवा कवि व्लादिमीर लेन्स्की और गहरे अंतर्मन वाली तात्याना लारीना से होती है। तात्याना की सच्ची भावनाएँ उसके सामने जीवन की दूसरी राह खोल सकती हैं, लेकिन ओनेगिन उसी उदासीनता से उत्तर देता है जो उसके संबंधों की पहचान बन गई है। मित्रता और प्रेम के साथ आहत अहंकार तथा सामाजिक अपेक्षाएँ उलझने लगती हैं। अलेक्सांद्र पुश्किन ने यह कहानी पद्य में उपन्यास के रूप में कही है। कथावाचक पात्रों के अनुभवों से रोज़मर्रा के जीवन पर विचारों की ओर सहजता से बढ़ता है। गाँव और शहर के दृश्यों के बीच पढ़ने की आदतों, पहनावे और बीतती युवावस्था पर टिप्पणियाँ मिलती हैं। व्यंग्य और सहानुभूति पात्रों को देखने का दृष्टिकोण बदलते रहते हैं। यह रचना खोए अवसरों, स्वार्थ और दूसरे की भावनाओं को समय रहते समझने की कठिनाई पर केंद्रित है। कथात्मक कविता तथा प्रेम, निर्णय और पछतावे की जटिल कहानियाँ पसंद करने वाले पाठकों के लिए इसमें विशेष आकर्षण है।