इस ऑडियोबुक के बारे में
असफल विवाह की निराशा लेकर फ़्योदोर लाव्रेत्स्की अपनी पारिवारिक जागीर लौटता है। पीछे छोड़े जीवन से दूर उसे नए आरंभ की संभावना दिखाई देने लगती है। लीज़ा कालितिना से परिचय इस आशा को निजी रूप देता है, लेकिन अतीत से अलग होना उतना आसान नहीं जितना वह चाहता है।
इवान तुर्गनेव ऐसे लोगों को चित्रित करते हैं जिनकी भावनाओं पर स्मृति, नैतिक विश्वास और दूसरों के प्रति दायित्वों की सीमा लगी है। स्नेह अपने आप नए जीवन की अनुमति नहीं देता। जागीर का शांत वातावरण पात्रों की हिचकिचाहट को और स्पष्ट करता है। छोटी मुलाक़ातों तथा बातचीत में भी गहरा भावनात्मक महत्त्व उभरता है।
उपन्यास हानि, ज़िम्मेदारी और इच्छित भविष्य तथा वास्तविक परिस्थितियों के अंतर पर विचार करता है। उसका संयत कथन अनकही बातों पर ध्यान देने का अवसर देता है। सुख की संभावना पहचानना कठिन है, विशेषकर तब जब उसके साथ अतीत के ऐसे दावे जुड़े हों जिन्हें केवल इच्छा के बल पर समाप्त नहीं किया जा सकता।