इस ऑडियोबुक के बारे में
एक संपादक को ऐसी पांडुलिपि मिलती है जिसमें उलझे संबंधों और एक शिकार दल से जुड़े अपराध का वर्णन है। यह विवरण पाठक को प्रांतीय समाज, निजी इच्छाओं और असमान शक्ति संबंधों की दुनिया में ले जाता है। घटनाओं की इतनी अंतरंग जानकारी रखने वाला कथावाचक कौन है, यह प्रश्न धीरे धीरे विशेष महत्त्व ग्रहण करता है।
अंतोन चेख़व ऐसी रहस्यकथा रचते हैं जिसमें प्रमाणों की व्याख्या कथावाचक के दृष्टिकोण से अलग नहीं की जा सकती। आकर्षण, ईर्ष्या और सामाजिक प्रतिष्ठा की आकांक्षा पात्रों के इरादों को उलझाती है। घटना और उसके प्रस्तुत विवरण के बीच का अंतर स्वयं तनाव पैदा करने लगता है।
कृति अपराध की कहानी के साथ अपने व्यवहार को उचित ठहराने की प्रवृत्ति और व्यक्तिगत बयान की विश्वसनीयता की पड़ताल करती है। कथावाचक क्या चुनता है, क्या छोड़ देता है और स्वयं घटना का हिस्सा होते हुए उसे कैसे समझाता है, इन प्रश्नों पर पाठक को लगातार ध्यान देना पड़ता है।