इस ऑडियोबुक के बारे में
मिखाइल स्त्रोगोव को एक गुप्त अभियान में खतरनाक विद्रोह के बीच साइबेरिया पार करना है। सम्राट के इस संदेशवाहक को महत्त्वपूर्ण पत्र पहुँचाते हुए यात्रा का उद्देश्य छिपाना पड़ता है। लंबी दूरी, बाधित रास्ते और पहचान लिए जाने की आशंका विशाल देश के मार्ग को धैर्य तथा विवेक की अनेक परीक्षाओं में बदल देते हैं।
जूल्स वर्न रोमांच की गति के साथ यात्रा की बदलती परिस्थितियों पर ध्यान देते हैं। नाद्या से मुलाकात गोपनीयता और जिम्मेदारी से बँधे कार्य में साथ का अनुभव लाती है। दूसरे यात्रियों की अलग दृष्टियाँ भी सामने आती हैं। किस पर विश्वास करें, यह अनिश्चितता निरीक्षण को साहस जितना जरूरी बनाती है।
उपन्यास कर्तव्य, दृढ़ता और दबाव में निष्ठा के व्यावहारिक अर्थ की पड़ताल करता है। इसका साइबेरिया ऐतिहासिक कल्पना का परिवेश है। भौगोलिक विस्तार और व्यक्तिगत जोखिम उस अभियान को आकार देते हैं जिसका महत्त्व संदेशवाहक खुले तौर पर किसी को समझा नहीं सकता।