इस ऑडियोबुक के बारे में
प्राध्यापक पेर्सिकोव की वैज्ञानिक खोज जीवों पर असाधारण प्रभाव डाल सकती है। खेती की तत्काल समस्या सुलझाने के लिए उसे लागू करने की कोशिश होती है। लेकिन प्रायोगिक ज्ञान और प्रशासनिक आत्मविश्वास का अंतर खतरनाक बनने लगता है। अलग जिम्मेदारियों वाले लोग ऐसा व्यवहार करते हैं मानो उनमें साझा समझ हो, जबकि वह स्थापित ही नहीं हुई।
मिखाइल बुल्गाकोव इस स्थिति में कल्पनाविज्ञान और व्यंग्य मिलाते हैं। वैज्ञानिक उत्साह, जनता का जोश और तुरंत परिणाम पाने की इच्छा एक दूसरे को बढ़ाते हैं। सावधानी बनाए रखना कठिन होता जाता है। जल्दबाजी और गलत संवाद उपयोगी लगने वाले प्रस्ताव को उसके समर्थकों के नियंत्रण से बाहर ले जाते हैं।
कहानी नई शक्ति की जिम्मेदारी और तत्काल प्रगति की माँग के पीछे की धारणाएँ परखती है। तकनीकी संभावना और व्यावहारिक विवेक का विरोध बेचैन करने वाला हास्य पैदा करता है। कोई खोज किन परिस्थितियों में उपयोगी होगी, यह जाने बिना उसे तैयार समाधान मानना गंभीर प्रश्न उठाता है।