इस ऑडियोबुक के बारे में
पावेल इवानोविच चिचिकोव अमीर बनने की एक अनोखी योजना लेकर एक प्रांतीय नगर में पहुँचता है। वह ज़मींदारों से ऐसे मृत भूदासों के स्वामित्व संबंधी अधिकार खरीदना चाहता है जिनके नाम अगली जनगणना तक सरकारी अभिलेखों में जीवित लोगों के रूप में दर्ज हैं। इस दिखावटी संपत्ति को गिरवी रखकर वह कर्ज़ लेना चाहता है। यह विचित्र सौदा उस समाज की यात्रा का आरंभ बनता है जहाँ मनुष्यों पर भी मोलभाव होता है।
निकोलाई गोगोल चिचिकोव के साथ अलग-अलग जागीरों में जाते हैं और अहंकार, लालच तथा जड़ता के अनेक रूप दिखाते हैं। मानिलोव के निष्फल सपने, नोज़द्रेव का अनियंत्रित व्यवहार और प्ल्यूश्किन का संग्रह करने का जुनून हर मुलाक़ात को अलग रंग देते हैं। हास्यपूर्ण बातचीत के पीछे ऐसी आदतें उभरती हैं जिन पर पात्र शायद ही प्रश्न करते हैं।
लेखक ने इस गद्यकृति को काव्य कहा था। व्यंग्य के साथ रूस पर भावपूर्ण चिंतन जोड़ने वाली यह रचना विचित्र पात्रों, सामाजिक अवलोकन और हँसी के भीतर छिपी बेचैनी में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए है।